Wednesday, February 22, 2017

ये उनकी बेरूख़ी के नाम

आज की रात फ़िर जाग कर गुज़ारी है,
चलो उनकी टाइमलाइन पर टहल के आते हैं।

इनबॉक्स में जो भेजा था उनको हाल-ए-दिल,
चलो फ़िर से वही पढ़ के मुस्काते हैं।

हमारे इश्क़ की फ़िर बेकदरी की है उन्होंने,
चलो उनको उनका कहा याद दिलाते हैं।

रिप्लाई छोड़िए, लाइक तक करना भूल गए वो,
चलो हम ही लव वाला रिएक्शन दे कर आते हैं।

क्या पता पढ़ लें साहिबान ये पोस्ट,
चलो इसी उम्मीद में ये दिन भी बिताते हैं।

- हिमांशु

No comments:

Post a Comment